डिंडौरी: OBC के साथ धोखा नहीं चलेगा – कलेक्ट्रेट में गरजा OBC मोर्चा
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, जनगणना-2027 में OBC ऑप्शन और कोड-बेस्ड गिनती की मांग
डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)
जनगणना-2027 में OBC का अलग ऑप्शन नहीं देने से नाराज राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा ने आज कलेक्ट्रेट डिंडौरी में जोरदार प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन नायब तहसीलदार शाहपुर ने लिया।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा (RPVM) – जो भारत मुक्ति मोर्चा से संबद्ध है, केंद्रीय कार्यालय नई दिल्ली के निर्देश पर यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन के पहले चरण के तहत ज्ञापन दिया गया। डिंडौरी में जिला/तहसील संयोजक सुनील कुमार यादव, डिगम्बर खांडिलकर, राम प्रसाद यादव, सोहन लाल धुर्वे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
मोर्चा का आरोप – 2011 वाला धोखा फिर दोहराया जा रहा है
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि -भारत सरकार का जाति-वार जनगणना का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन पहले चरण में OBC का ऑप्शन न देना ओबीसी के साथ धोखेबाजी है।2011 में कांग्रेस सरकार ने ओपन कॉलम पद्धति से सर्वे कराया था, जिसमें 46.7 लाख जातियां आ गई थीं। सरकार ने आंकड़ों को भ्रमित बताकर जारी करने से मना कर दिया और OBC के साथ धोखाधड़ी हुई। ठीक वही पद्धति 2027 में भी अपनाना OBC सहित सभी जातियों के साथ धोखेबाजी होगी।
मोर्चा की मांग है कि जो पद्धति SC-ST की जनगणना के लिए अपनाई जाती है, वही पद्धति OBC की जनगणना के लिए भी अपनाई जाए।
रखा गया 6 सूत्रीय मांग
SC-ST की तरह OBC का भी अलग से ऑप्शन दिया जाए और उसी वैज्ञानिक पद्धति से गिनती हो।राज्यवार आधिकारिक और व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार की जाए।
प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड दिया जाए। अनियंत्रित ओपन कॉलम व्यवस्था खत्म कर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली अपनाई जाए।
असूचीबद्ध और स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।डेटा संग्रह की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और ऑडिट योग्य बनाया जाए। 2 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना का अल्टीमेटम दिया गया है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो दो चरणों में होगा प्रदर्शन –
प्रथम चरण – 25 अगस्त 2026 राष्ट्रव्यापी ज्ञापन (जिला-तहसील मुख्यालय)
द्वितीय चरण – 02 सितंबर 2026 से जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।



