5.30 लाख की वित्तीय अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व सरपंच को 30 दिन जेल का वारण्ट
सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी ने जारी किया आदेश, कसईसोंढा के पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते पर गिरी गाज
डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)
भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता पर जिला पंचायत ने बड़ी कार्रवाई की है। विहित प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी दिव्यांशु चौधरी (IAS)ने ग्राम पंचायत कसईसोंढा के पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते को 30 दिन के लिए जेल भेजने का वारण्ट जारी किया है।न्यायालय से जारी आदेश क्रमांक 01/2026-27/धारा-92/563 दिनांक 25/08/2026 के तहत पूर्व सरपंच को उपजेल डिंडौरी में निरुद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मामला ग्राम पंचायत कसईसोंढा, जनपद पंचायत डिंडौरी का है।जिसमें
स्वीकृत राशि-: आदिवासी विकास परियोजना अंतर्गत वर्ष 2021 में प्राथमिक शाला भवन से अनुसुईया के घर तक नीचे टोला सी.सी. रोड निर्माण के लिए 9,00,000/- रुपये स्वीकृत हुए थे।
कितने का किया आहरण
पूर्व सरपंच द्वारा 7,00,000/- रुपये का आहरण कर लिया गया।
काम कितना हुआ
मूल्यांकन में केवल 1,70,000/- रुपये का ही निर्माण कार्य पाया गया
किया गया गबन:- इस प्रकार 5,30,000/- रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई।इस पर म.प्र. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत देयता निर्धारण प्रकरण क्र. 013 (अ-89 अ-19) 2024-25 में आदेश दिनांक 26.05.2025 पारित किया गया।देयता राशि 5,30,000/- को आधा-आधा बांटा गया। पूर्व सचिव ने अपनी देयता राशि 2,65,000/- दिनांक 14.02.2025 को जमा कर दी,लेकिन पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते ने 2,65,000/- रुपये जमा नहीं कराए।
15 दिन का अल्टीमेटम भी नजरअंदाज
धारा 92 के तहत वसूली प्रकरण क्र. 304/2025-26 पंजीबद्ध कर पूर्व सरपंच को पर्याप्त समय दिया गया। दिनांक 29.01.2026 को अंतिम आदेश पारित कर 15 दिवस में राशि जमा करने को कहा गया, लेकिन उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया।
आखिरकार विहित प्राधिकारी ने धारा 92(2) के तहत जेल वारंट जारी किया।
पुलिस को निर्देश
आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी विक्रमपुर को भेजी गई है। थाना प्रभारी विक्रमपुर को निर्देशित किया गया है कि पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते को तत्काल पकड़कर उपजेल डिंडौरी में सुपुर्द करें और एक सप्ताह के भीतर न्यायालय को प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला पंचायत की इस सख्त कार्रवाई से अन्य पंचायतों में भी हड़कंप मच गया है।



