बाहरी व्यक्ति रामा ट्रेडर्स पर कब्जे का आरोप,25 परिवारों पर विस्थापन का खतरा
डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)-: जिले के ग्राम कुई माल में इन दिनों शासकीय राजस्व भूमि को लेकर भारी आक्रोश है। गांव की सरकारी जमीन को वन विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया के खिलाफ ग्रामीण लामबंद हो गए हैं और उन्होंने कलेक्टर डिंडौरी को आवेदन सौंपकर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों का आरोप है कि रामा ट्रेडर्स, मरवा टोला, जिला उमरिया (संभाग शहडोल) के द्वारा गांव की शासकीय भूमि का वन विभाग को हस्तांतरण करवाया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि यह व्यक्ति बाहरी है, उसका कुई माल गांव से कोई संबंध नहीं है, फिर भी वह शासकीय और ग्रामीणों के उपयोग वाली भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रस्तावित भूमि कोई बंजर जमीन नहीं है। इस पर कई परिवार वर्षों से खेती-किसानी कर जीवन-यापन कर रहे हैं, कुछ भूमिहीन परिवारों ने घर भी बना रखे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसी जमीन की जरूरत प्रधानमंत्री आवास पट्टा और नल-जल योजना के लिए भी है।
25 परिवारों पर संकट
यदि यह हस्तांतरण होता है तो गांव के करीब 25 परिवारों के सामने रोजी-रोटी और विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले में ग्राम सभा की सहमति तक नहीं ली गई, जो पंचायत राज अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
ग्रामीणों की 3 बड़ी मांगें
कुई माल की शासकीय भूमि के हस्तांतरण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
रामा ट्रेडर्स द्वारा कथित अवैध कब्जे की जांच कर कार्रवाई की जाए।
शासकीय भूमि की वास्तविक स्थिति और हस्तांतरण के उद्देश्य को सार्वजनिक किया जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उमरिया के एक ट्रेडर्स को डिंडौरी के कुई माल की सरकारी जमीन को वन विभाग को हस्तांतरित कराने में इतनी दिलचस्पी क्यों है? क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है?फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना होगा कि कलेक्टर कार्यालय इस मामले में क्या रुख अपनाता है।



