Dindori

डिंडौरी मड़ियारास में धूमधाम से मना कजलियां पर्व, पाट की रस्सी बांधकर गले मिले ग्रामीण

बहनों ने भाइयों को बांधी राखी, बजरंग मंडली ने गुदुम की थाप पर किया कर्मा, नागाबाबा की झाड़-फूंक ने बांधा समां

डिंडौरी (संतोष सिंह राठौर)-:
जिले के ग्राम मड़ियारास में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी कजलियां पर्व बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूरे गांव में भाईचारे और आत्मीय मिलन का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

पाट की रस्सी से बंधा प्रेम

रक्षाबंधन एवं क़ज़लियाँ पर्व के अवसर पर परंपरा अनुसार -बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी और लंबी उम्र की कामना की।छोटों ने बड़ों को पाट की रस्सी बांधकर आशीर्वाद लिया।सभी ग्रामीणों ने एक-दूसरे को पाट की रस्सी बांधकर गले लगाया और पुराने गिले-शिकवे भुलाकर आत्मीय मिलन किया। यह दृश्य माड़ियारास की एकता और संस्कृति की पहचान बन गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

ग्राम में देर शाम तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शिव मंडली एवं राम मंडली के द्वारा रामकीर्तन से की गई, जिसके बाद सभी मंडलियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं।
रामलीला मंडलीद्वारा विशेष प्रस्तुति में नागाबाबा खड़ेश्वर महाराज एवं पंडा के द्वारा झाड़-फूंक कर भूत भगाने वाला रोचक कार्यक्रम किया गया, जिसे देखने भारी भीड़ उमड़ी।
बजरंग मंडली ने गुदुम के ताल पर कर्मा गीत की मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। ढोल-गुदुम की थाप परयुवा-युवतियों ने कर्मा नृत्य किया।पूरे आयोजन में गांव में मेले जैसा माहौल रहा और देर शाम तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा।

 

 

इनका कहना है

हमारी संस्कृति की हमारा पहचान है, सनातन परम्परा का पूर्व काल से ही हमारे ग्राम में निर्वहन करते चले आ रहे हैं, मुझे गर्व है कि, हमारे ग्राम में क़ज़लियाँ का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है, ग्राम सभी ग्रामवासी अपनी -अपनी मंडली के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुति देते हैं, जिससे मनोरंजन तो होता ही है, साथ ही, आने वाली पीढ़ी में भी सनातन परम्परा का संस्कार प्राप्त होता है

खेमकरण सिंह राठौर
वरिष्ठ ग्रामीण एवं प्रदेश सचिव किसान कांग्रेस निवासी ग्राम मड़ियारास

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