विकास खंड करंजिया अंतर्गत
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा का मामला
डिंडौरी (संतोष सिंह राठौर)
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा, विकासखंड करंजिया में पदस्थ 10 अंशकालीन भृत्यों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। 10 से 16 साल से सेवा दे रहे इन कर्मचारियों को बीते 3 माह से मानदेय नहीं मिला है। BEO कार्यालय और स्कूल प्रबंधन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
आवेदकों ललिता महेश्वरी, देवमणी मरावी, रामकली यादव सहित 10 कर्मचारियों की नियुक्ति वर्ष 2010 से 2023 के बीच विकासखंड शिक्षा अधिकारी करंजिया के आदेश से हुई थी। अप्रैल 2026 तक इन्हें BEO कार्यालय से नियमित मानदेय मिलता रहा।लेकिन जुलाई 2026 से BEO कार्यालय ने मौखिक रूप से कह दिया कि आप एकलव्य स्कूल में काम करते हो, इसलिए मानदेय वहीं से मिलेगा।
वहीं जब कर्मचारियों ने एकलव्य स्कूल के प्राचार्य से संपर्क किया तो उन्होंने कहा आपकी नियुक्ति BEO के आदेश से हुई है, इसलिए मानदेय भी BEO कार्यालय से ही मिलेगा।
भूखे मरने की स्थिति
पीड़ित कर्मचारियों ने कलेक्टर को आवेदन देकर गुहार लगाई है। आवेदन में कहा गया है कि “एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर हमें मानदेय देने से मना किया जा रहा है। मानदेय के अलावा हमारी आय का कोई जरिया नहीं है। मानदेय न मिलने से हम और हमारे परिवार के सामने भूखे रहने तक की स्थिति बन गई है।”
ये हैं पीड़ित भ्रत्य
ललिता महेश्वरी, देवमणी मरावी, रामकली यादव, संजीता मरावी, लोकवती मार्को, भुनेश्वरी बघेल, प्रीति मार्को, सुरंजना परस्ते, तिरसिया बाई, संतोष परस्ते।
सभी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा में अंशकालीन भृत्य के पद पर पदस्थ हैं।
कर्मचारियों ने मानदेय दिलाने की मांग
कर्मचारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि शीघ्र हस्तक्षेप कर उनके मानदेय भुगतान हेतु कार्यालय सुनिश्चित करते हुए मानदेय दिलाए जाने की दया हो , ताकि उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक संकट से बचाया जा सके।
नोट -:बी ई ओ करंजिया से फोन पर संपर्क करने कोशिश की गई पर संपर्क नहीं हो सका।



