डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)-: जिले में अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब सरकारी विभाग की जमीन को भी नहीं छोड़ रहे। ताजा मामला फॉरेस्ट ऑफिस की बाउंड्रीवाल से लगे निर्माण का है, जहां खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर पक्का निर्माण किया जा रहा है।
पहले टपरा, अब पक्की दुकान का खेल
स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित व्यक्ति द्वारा पहले बाउंड्रीवाल से सटकर अस्थाई दुकान (टपरा) लगाकर संचालित किया जा रहा था। धीरे-धीरे टपरे को आगे बढ़ा दिया गया और अब उसके पीछे पक्की ईंट की दीवार खड़ी कर दी गई है, जैसा कि तस्वीर में साफ दिख रहा है। निर्माण में बाकायदा ईंट, सीमेंट और लकड़ी की सेंटरिंग लगाई गई है।
CMO और कलेक्टर को व्हाट्सएप पर भेजी थी शिकायत
इस अवैध निर्माण की जानकारी स्थानीय जागरूक नागरिकों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से CMO नगर परिषद और कलेक्टर महोदया को फोटो सहित भेज दी गई थी। लेकिन आश्चर्य की बात है कि शिकायत के बाद भी मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा और न ही निर्माण कार्य पर कोई रोक लगाई गई।
नतीजा यह है कि आज निर्माण कार्य डोर लेबल (दरवाजे के लेवल) तक पहुंच गया हैऔर बदस्तूर जारी है।
वन विभाग भी मौन
सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण फॉरेस्ट ऑफिस की बाउंड्रीवाल से बिल्कुल सटकर हो रहा है, लेकिन वन विभाग भी इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। क्या वन विभाग ने अपनी जमीन अतिक्रमण के लिए छोड़ दी है?
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कलेक्टर महोदया इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर अवैध निर्माण को हटवाएं और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करें, जिन्होंने शिकायत के बाद भी आंखें मूंदे रखींहै।
नोट -: निर्माण कार्य के सम्बन्ध में cmo नगर परिषद वेद प्रकाश पूरी जी से संपर्क किया गया पर उनके द्वारा फोन ही नहीं उठाया गया।



