डिंडौरी में सरकारी धान की बर्बादी: निगवानी वेयरहाउस में 15 हजार बोरी सड़ी, कलेक्टर ने लिया संज्ञान – नोटिस जारी
बोरियों में फसल उग आई। राष्ट्रीय हिंदी मेल एवं राष्ट्र की बुलंद आवाज़ में खबर प्रकाशन के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कारण बताओ नोटिस किया जारी
डिंडौरी (संतोष सिंह राठौर) मध्यप्रदेश सरकार एक तरफ किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ डिंडौरी जिले में सरकारी अनाज की खुलेआम बर्बादी हो रही है। ताजा मामला सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन के निगवानी वेयरहाउस का है, जहाँ खुले में रखी हजारों क्विंटल धान बारिश में भीगकर सड़ चुकी है। कई बोरियों में तो धान से पौधे उग आए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार वेयरहाउस में लगभग 72 ओपन स्टेक लगाए गए थे। हर स्टेक में 300 बोरी के हिसाब से 21,600 बोरियां रखी गई थीं। इसमें से करीब 15 हजार बोरियां पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। मजदूर दिनभर खराब और अच्छी धान की छंटाई करने में लगे हैं और जो थोड़ा ठीक लग रहा है उसे आनन-फानन में मिलों में भेजा जा रहा है।
बयानों में भारी विरोधाभास
इस मामले में जिम्मेदारों के बयान ही घोटाले की ओर इशारा कर रहे हैं।
मजदूर मातादीन और शोभा लाल ने बताया – साहब बहुत बोरियां सड़ गई हैं। पानी में भीग गई थी। कई बोरियों में तो धान उग आया है। 15 हजार बोरी के आसपास खराब है। इस धान की खरीदी इसी वर्ष हुई थी।
वैद्यनाथ वासनिक, प्रभारी प्रबंधक, सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड डिंडौरी ने कहा -ओपन में लगे स्टेक में जो धान रखे हैं और खराब हुए हैं, वो पुराने वर्ष 2022-23 के हैं जिसे कोकरीन कंपनी ने खरीदा था, जो उठाव नहीं हो पाया था वहीं पड़ा है।अगर धान 2022-23 का है तो 3 साल तक खुले में क्यों पड़ा रहा? और अगर इसी साल का है तो अधिकारी इसे पुराना क्यों बता रहे हैं? यह जांच का विषय है।
खबर का असर: कलेक्टर ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय हिंदी मेल और राष्ट्र की बुलंद आवाज (rashtrakibulandawaz.com)पर खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है।
मामले में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने संज्ञान लेते हुए कहा है –
संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं, उत्तर प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी तथा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के अंडर में धान रखा हुआ था, जिसका प्रतिवेदन शासन को भेजा गया है।
किसान संगठनों ने मांग की है कि केवल नोटिस नहीं, बल्कि लाखों के नुकसान की वसूली दोषी कंपनी और लापरवाह अधिकारियों से की जाए और सड़े धान को गरीबों के राशन में खपाने पर रोक लगाई जाए।
इनका कहना है
संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं, उत्तर प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी तथा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के अंडर में धान रखा हुआ था, जिसका प्रतिवेदन शासन को भेजा गया है।
अंजू पवन भदौरिया
कलेक्टर डिंडौरी
केवल नोटिस नहीं, बल्कि लाखों के नुकसान की वसूली दोषी कंपनी और लापरवाह अधिकारियों से की जाए और सड़े धान को गरीबों के राशन में खपाने पर रोक लगाई जाए।
बिहारी लाल साहू
जिलाध्यक्ष किसान संघ डिंडौरी



