ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में डिंडौरी के केमिस्टों की हड़ताल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
दवाओं की ऑनलाइन बिक्री बढ़ा रही छोटे दवा व्यापारियों की मुश्किल

डिंडौरी(मनोज दुर्वासा):
अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और डीप डिस्काउंटिंग के विरोध में डिंडौरी जिले के सभी केमिस्टों ने मंगलवार 20 मई 2026 को अपनी दुकानें बंद रखकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की।केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने कलेक्टर कार्यालय में जिलाधीश, एसडीएम और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
AIOCD के आह्वान पर हड़ताल
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स और मध्यप्रदेश राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर डिंडौरी के सभी दवा विक्रेताओं ने संयुक्त रूप से आंदोलन में भाग लिया। केमिस्टों का कहना है कि लंबे समय से मांग के बावजूद ऑनलाइन दवा बिक्री पर कार्रवाई नहीं हो रही।
एसोसिएशन का क्या है मुख्य आरोप
कानून का उल्लंघन
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई प्रावधान नहीं, फिर भी कंपनियां धड़ल्ले से बेच रही हैं।
फर्जी पर्चेफर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर बिना डॉक्टर की सलाह दवाएं घर-घर पहुंचाई जा रही हैं।
जनस्वास्थ्य को खतरा
गलत दवा वितरण से करोड़ों मरीजों की जान जोखिम में है।
छोटे व्यापारियों पर संकट
डीप डिस्काउंटिंग और प्रिडेटरी प्राइसिंग से लाइसेंसी छोटे केमिस्ट बर्बाद हो रहे हैं।
GSR 817(E) पर आपत्ति
एसोसिएशन ने कहा कि 2018 में केवल जनमत के लिए जारी GSR 817(E) अब अप्रासंगिक हो चुकी है। कोविड के दौरान आपातकाल में लाई गई अधिसूचना का अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दुरुपयोग कर रहे हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो,बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के होम डिलीवरी प्रतिबंधित की जाए,GSR 817(E) और GSR 220(E) तुरंत वापस ली जाए,ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्काउंटिंग नीति पर रोक लगे
केमिस्टों का कहना
जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने कहा कि “हम देश की स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं। कोविड में भी निर्बाध दवा आपूर्ति की थी। लेकिन अब अवैध ऑनलाइन बिक्री से हमारा अस्तित्व खतरे में है और मरीजों की सुरक्षा भी दांव पर है।
प्रशासन से जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।




