डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)-:जिले में न्यायपालिका के आदेश को ठेंगा दिखाने वाला मामला सामने आया है। मामला ग्राम पंचायत मडियारास से जुड़ा है।
क्या है मामला?
प्रकरण क्रमांक 0011/अपील/2026-27 में कलेक्टर न्यायालय डिंडौरी ने दिनांक 18/06/2026 को तत्कालीन ग्राम रोजगार सहायक गोवर्धन ठाकुर को बहाल कर दिया था।
इस आदेश को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट जबलपुर गया। WP-26862-2026 में सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने 25/08/2026 को कलेक्टर कोर्ट के आदेश पर स्थगन (STAY) लगा दिया।
आवेदक 1 महीने से लगा रहा चक्कर
आवेदक मनोज कुमार दुर्वासा, ग्राम पंचायत मडियारास ने हाईकोर्ट के स्टे की कॉपी के साथ 27/08/2026 को ही CEO जिला पंचायत डिंडौरी को आवेदन दे दिया था। लेकिन आज तक आदेश का पालन नहीं हुआ।
अब आवेदक ने कलेक्टर महोदया डिंडौरी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि CEO जिला पंचायत को हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए बाध्य किया जाए।
नियमतः हाईकोर्ट का स्टे आते ही कलेक्टर कोर्ट का बहाली आदेश स्वतः शून्य हो जाता है, लेकिन यहाँ जिला पंचायत द्वारा बहाल रोजगार सहायक पर कोई कार्रवाई न करना कई सवाल खड़े करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि,क्या CEO जिला पंचायत जानबूझकर हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी कर रहे हैं?
इनका कहना है
मेरे द्वारा हाई कोर्ट का आदेश कलेक्टर महोदया जी को भिजवा दिया गया है जैसे ही सूचना आता है आदेश हो जाएगा
सुधांशु चौधरी
सी ई ओ जिला पंचायत डिंडौरी


