CraptionDindori

9 लाख 90 हजार की लागत से हुआ तालाब सौंदर्यीकरण, जमीनी हकीकत में सिर्फ कागजों पर “सुंदर”

घाट नहीं, पिचिंग उखड़ी, मेढ़ धंस रहा - ग्रामीण बोले "पैसा गया कहां?

जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत गिरवरपुर का मामला

डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)-:
सरकारी राशि खर्च कर तालाबों को आकर्षक और उपयोगी बनाने के दावों की हकीकत उस समय सामने आई जब 9 लाख 90 हजार रुपये की लागत से कराए गए तालाब सौंदर्यीकरण कार्य में कुछ भी सौंदर्यीकरण जैसा नजर नहीं आया। ग्रामीणों का आरोप है कि काम सिर्फ खानापूर्ति के लिए किया गया है।

जाने क्या है मामला?

ग्राम के तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 9 लाख 90 हजार रुपये स्वीकृत कर कार्य कराया गया था। लेकिन मौके पर स्थिति बिल्कुल अलग है।

  जमीनी हकीकत क्या?

घाट की कोई व्यवस्था नहीं -:ग्राहैमीणों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी तालाब में नहाने-धोने के लिए घाट तक नहीं बनाया गया।

पिचिंग उखड़ी और बिखरी-:
दिखावे के लिए बिरले पत्थरों से पिचिंग कराई गई थी। अब वह जगह-जगह से उखड़ रही है।

मेढ़ धंस रहा-:JCB मशीन से बनाए गए मेढ़ की मिट्टी धंसकर तालाब में समा रही है। इससे तालाब का पानी और गंदा हो रहा है।

सौंदर्यीकरण गायब:

बेंच, लाइट, पौधरोपण जैसा कोई भी सौंदर्यीकरण का काम दिखाई नहीं दे रहा।

ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने कहा, “9 लाख 90 हजार रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन हमें तो कुछ दिख ही नहीं रहा। न घाट बना, न बैठने की जगह, न सुरक्षा। सिर्फ मिट्टी का मेढ़ बना दिया और पत्थर डाल दिए। इतनी बड़ी राशि का उपयोग कहां हुआ, यह हमारी समझ से परे है।”
उन्होंने मांग की है कि उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र सार्वजनिक किया जाए।

उठ रहे सवाल

गुणवत्ता पर ध्यान कहां?-:

पिचिंग के लिए घटिया सामग्री का उपयोग क्यों किया गया? बोल्डर का पर्याप्त मात्रा में उपयोग नहीं किया गया और ना ही बोल्डर जाम करने कोई व्यवस्था।

घाट क्यों नहीं बना?

सौंदर्यीकरण योजना में घाट प्रमुख घटक होता है, फिर उसे क्यों छोड़ दिया गया? घाट निर्माण ही प्रमुख प्राथमिकता रहा।

आखिर निगरानी नहीं की गई क्यों ?

कार्य जब संचालित था तब कार्य के दौरान तकनीकी अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया?जिसका ही परिणाम है कि आज ग्रामीण शासन के द्वारा दी जाने वाली सुविधा से वंचित हैं।

ग्रामीणों ने शासन एवं प्रशासन से की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कराकर अधूरे और घटिया कार्य को पूर्ण कराया जाए। साथ ही जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

नोट -:
इंजिनियर मनोज चौधरी जी से जानकारी लेने संपर्क स्थापित किया करने कोशिश की गईं पर उपयंत्री महोदय फोन उठाना जरूरी नहीं समझें

इनका कहना है

तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य तो कराया गया पर गांव वालों के लिए नहाने का घाट तक नहीं बना, जेसीबी से तालाब की खुदाई करा मेढ़ बनाया गया है और कुछ पत्थर बुला पिचिंग कर दिया गया है इसके आलावा और कोई कार्य नहीं कराया गया है जिससे साफ तौर पर देखा जा सकता है

राजेश कुमार आर्मो
निवासी गिरवरपुर

Related Articles

Back to top button