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देवरी माल में शासकीय भूमि पर दबंगई, बीच सड़क खड़ा कर दिया मकान

स्कूल-पंचायत भवन के सामने अतिक्रमण से हादसे का डर, सरपंच ने नायब तहसीलदार से लगाई गुहार

डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)-:
जनपद पंचायत अमरपुर की ग्राम पंचायत देवरी माल में शासकीय जमीन पर खुलेआम दबंगई का मामला उजागर हुआ है। गांव की जीवन रेखा मानी जाने वाली सड़क पर ही मकान खड़ा कर दिया गया है। खतरा इतना बड़ा है कि स्कूल जाने वाले बच्चों और पंचायत भवन आने-जाने वालों पर हर वक्त दुर्घटना की तलवार लटक रही है।

बीच रोड पर कब्जा, रास्ता हुआ संकरा

सरपंच सुमंत्रा वालरे ने 16.05.2026 को नायब तहसीलदार अमरपुर को भेजे पत्र क्र. 02/ग्रा.प./2025-26 में खुलासा किया है कि *खसरा नं. 98 की शासकीय भूमि* पर नीलम रजक पिता झगरु रजक ने जबरन कब्जा कर मकान तान दिया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अतिक्रमण सड़क के बीचों-बीच किया गया है। इससे मुख्य रास्ता इतना संकरा हो गया है कि दो वाहन आमने-सामने नहीं निकल सकते। ग्रामीणों को डर है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्कूल-खेल मैदान की जमीन पर खतरा

जिस जगह कब्जा हुआ है, वह कोई वीरान प्लॉट नहीं बल्कि गांव का सबसे संवेदनशील इलाका है। ठीक सामने पंचायत भवन और स्कूल संचालित है। बगल में बच्चों का खेल मैदान है। यह पूरी भूमि ग्राम के आम निस्तार के लिए सुरक्षित थी। अब अवैध निर्माण से सार्वजनिक उपयोग की जमीन सिमट गई है।

दबंगई से गांव में दहशत

शिकायती पत्र में साफ लिखा है कि नीलम रजक की दबंगगिरी से गांव में अशांति का माहौल बन गया है। लोग खुलकर विरोध करने से डर रहे हैं। पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नक्शा-खसरा के साथ तहसील कार्यालय को भेजा है।

सरपंच की दो टूक तत्काल हटे कब्जा

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सरपंच सुमंत्रा वालरे ने कहा, यह ग्राम हित का मामला है। शासकीय भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा। नायब तहसीलदार से मांग है कि तुरंत बेदखली कराएं और दंडात्मक कार्रवाई करें।

अब क्या होगा?

म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने का प्रावधान है। नोटिस के बाद बेदखली होती है और खर्च की वसूली भी कब्जाधारी से की जाती है।
अब सबकी नजर नायब तहसीलदार अमरपुर पर है। सवाल यही है – जांच कितने दिन में Krwa होगी और बुलडोजर कब चलेगा?

सबसे बड़ा सवाल

जब पंचायत भवन और स्कूल के सामने ही दबंगई से कब्जा हो रहा है, तो आम शासकीय भूमि कितनी सुरक्षित है? क्या प्रशासन इस मामले को उदाहरण बनाकर कार्रवाई करेगा।

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