
जिले भर के मैदानी स्तर में चल रहे खरीदी केंद्र का मामला
डिंडौरी (संतोष सिंह राठौर)-:जिले भर में इन दिनों खरीदी केंद्र संचालित हैं,पर देखने में यह आ रहा है की खरीदी केंद्र धान खरीदी तो जोर सोर से चल रहा है पर उठाव नहीं होने से केंद्र प्रभारी तो परेशान हैं ही साथ ही साथ ही किसान भी परेशान है क्यों की कई ऐसे भी केंद्र हैं, जहाँ भारी मात्रा में धान खरीदी तो हो गई है पर उठाव ही नहीं हुआ है जिससे धान खरीदी रोकना केंद्र प्रभारी के लिए मजबूरी हो गई, क्यों की धान के बोरी स्टॉक करने के बावजूद इतनी मात्रा में बारदाना की सिलाई होकर रखा हुआ है जिसका स्टॉक लगाने भी समस्या होने लगी है, वहीं केंद्र प्रभारियों की माने तो, उठाव ना होने से धान खरीदी एक चेतावनी हो गई है, एक तरफ किसान धान खरीदी करने दबाव बना रहे हैं तो वही जगह ना होने से धान खरीदी करना मुश्किल ही है जिले में ऐसे कई खरीदी केंद्र है जहाँ धान खरीदी लगभग पूर्ण होने को हैं, पर उठाव का स्तर इतना कमजोर है की भण्डारण के लिए तैयार धान की मात्रा से 25प्रतिशत भी उपार्जन का उठाव नहीं हुआ है जैसा की देखने में ये आ रहा है, की धान खरीदी केंद्र चांदरानी खरीदी केंद्र में अब तक 11694किवंटल धान खरीदी हो चुकी है जिसमें 10769किवंटल धान भण्डारण के लिए तैयार है इसमें अब तक 2048किवंटल धान का ही भण्डारण हो सका इसी तरह प्रेमपुर खरीदी केंद्र में भी अब तक धान खरीदी 18923.6किवंटल हुई जिसमें 17559.2किवंटल उपार्जन भण्डारण के लिए तैयार है पर अब तक 1960 किवंटल धान का ही भण्डारण किया जा सका है इस तरह से मानिकपुर, कोकोमटा, समनापुर आदि ना जाने कितने खरीदी केंद्र है जहाँ भण्डारण ना होने से परेशानी बढ़ी हुई है, और तो और केंद्र प्रभारियों को यह भी चिंता सता रही है की कहीं उठाव में देरी होने से धान सूख जाएं और घटी होने लगे।
स्लाट बुक होने के बाद धान खरीदी बंद होने से परेशान किसान

अधिकांश धान खरीदी केन्द्रो में यह देखने में ये आ रहा है की उठाव ना होने से स्टॉक ही स्टॉक नजर आ रहा है, धान खरीदी के लिए जगह की नहीं बचा जिससे धान खरीदी करना केंद्र प्रभारियों के लिए धान खरीदी बंद करना मजबूरी सा हो गया, आखिर अब वो धान खरीदें भी तो कहाँ,पर सवाल यह उठता है की जिस किसान का स्लाट बुक है और तारीख भी समाप्त होने को है तो वो बेचे कहाँ।



