
विकास खंड करंजिया अंतर्गत परसेल खरीदी केंद्र का मामला
डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)-:शासन के द्वारा किसानों के निरंतर विकास के लिए समर्थन मूल्य पर उपार्जन खरीदने उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं, और किसानों को खरीदी केंद्र में परेशानी का सामना करना ना पड़े इसके लिए बैठने के लिए छाँव, पीने के लिए पानी एवं किसानों को धान भराई एवं तौलाई के लिए कर्मचारी उपलब्ध कराना साथ ही तौल पर्ची की उपलब्धता के साथ -साथ किसान की उपार्जन को अपलोड कर किसान के बैंक खाते से जोड़ना होता है पर अधिकांश उपार्जन केंद्रों में शासन के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है बल्कि बेखौफ किसानों का शोषण किया जाता है। ऐसा ही मामला विकास खंड करंजिया अंतर्गत धान खरीदी केंद्र परसेल का सामने आया है जहाँ किसानों से निर्धारित मात्रा, 40किलो 600ग्राम से अधिक तौल तो लिया ही जा रहा है साथ ही धान सेम्पल के लिए 1किलो से 2किलो लिया जा रहा है और तो और केंद्र प्रभारी के द्वारा धड़ल्ले से बोला भी जा रहा है 41किलो का तौल लिया जा रहा है जिसमें 40किलो 700 ग्राम तौल लेने का निर्देश है और 300ग्राम सूखी लिया जाता है और जब सेम्पल के विषय में पूछा गया तो उनके द्वारा बोला गया की 1किलो 2किलो 3किलो तक सेम्पल लिया जाता है जिसे अलग रख दिया गया।इस तरह केंद्र प्रभारी के द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है।
इनका कहना है
किसान अपना आते है तौला कर चले जाते हैं,पानी की व्यस्था है, बैठने की व्यस्था है, अलावा की व्यस्था है तौल 41किलो लिया जाता है जिसमें 40किलो 700तौल और 300सूखी है, किसानों से 1किलो से 3किलो तक सेम्पल लिया जाता है जिसे रख दिया गया है।

मनोज कुमार नंदा
केंद्र प्रभारी परसेल
सभी धान खरीदी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं की 40किलो 600ग्राम का तौल लिया जाना है रही सेम्पल की बात तो 1किलो सेम्पल लेने का प्रावधान है जिसे व्यस्थित रखा जाएगा, अगर किसी किसान का धान रिजेक्ट होता है तो सेम्पल से मिलान किया जाएगा, रही बात अधिक तौल लेने की तो अगर किसानों से 40किलो 600ग्राम से अधिक धान लिया जाता है तो जाँच कराकर कार्यवाही के कलेक्टर साहब के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा।

रामबाबू देवांगन
एस डी एम बजाग



