डिंडौरी(संतोष सिंह राठौर)-:
प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों के हक पर डाका डालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती के दर्जनों गरीब परिवारों ने कलेक्टर डिंडौरी को ज्ञापन सौंपकर सरपंच-सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हितग्राहियों का कहना है कि जानबूझकर उनका नाम सर्वे सूची से गायब कर दिया गया।
फोटो खींचा, अपलोड नहीं किया – हमें अपात्र बता दिया- हितग्राहियों का यही आरोप है।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती के निवासी मनीष, रोहित कुमार, निरपत सिंह, शिवचरण, सावित्री, बाज बहादुर, संतोषी, कविता, संगीता यादव, इंद्रवती, रेखा यादव सहित समस्त हितग्राहियों ने कलेक्टर महोदया को लिखित शिकायत दी है।
शिकायत में कहा गया है –
हम समस्त हितग्राही गरीबी रेखा में हैं, कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्ण पात्र हैं। लेकिन सरपंच/सचिव ने सर्वे के दौरान हमारा नाम जानबूझकर अपात्र करके भेज दिया है। सर्वे में फोटो भी खींचा गया लेकिन फोटो अपलोड ही नहीं किया गया, जिससे हमारा नाम सर्वे सूची से छूट गया है।
गरीबों का छलका दर्द
हितग्राहियों का कहना है कि वे वर्षों से कच्चे मकान में बारिश में टपकते पानी और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। PM आवास ही उनका एकमात्र सहारा था, लेकिन पंचायत की लापरवाही ने उनके सपने तोड़ दिए।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से की दो मांग
समस्त पात्र हितग्राहियों का नाम तत्काल सर्वे सूची में जोड़ा जाए।सरपंच/सचिव पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी गरीब परिवार के साथ अन्याय न हो।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेता है। क्या गरीबों को उनका हक मिलेगा या फाइलों में ही उनका आशियाना दबा रह जाएगा।
इनका कहना है
हमारे ग्राम में आवास की सर्वें किया गया लेकिन अपलोड नहीं किया गया जिससे सर्वे सूची में नाम नहीं आया
संगीता यादव
ग्रामीण सिंगारसत्ती
हमारे ग्राम में आवास के लिए सर्वे हुआ था जिसमें 50 परिवार का नाम हटा दिया गया और 30परिवार की डाटा ही अपलोड नहीं किया गया।
लाल सिंह मरावी
ग्रामीण सिंगारसत्ती



