
वहीं अन्य जगहों के ठेके से शराब बुला जिला मुख्यालय में किए गए शराबबंदी को दी जा रही चुनौती
डिंडौरी( संतोष सिंह राठौर) वैसे तो जिला स्तर पर शराबबंदी को लेकर जगह-जगह दुकानों होटलों एवं अन्य प्रतिष्ठानों पर छापा मार कार्यवाही कर पुलिस प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवैध शराब विक्रय पर कार्यवाही किए जा रही हैं या यूँ कहे की विशेष अभियान चला शराब विक्रय पर प्रतिबंध लगाने लगातार कार्यवाही की जा रही है पर देखने में यह आ रहा है कि मां नर्मदा किनारे 8 किलोमीटर की दूरी पर शराब बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है बावजूद इसके जिले के अन्य जगह में चल रही ठेके कि शराब दुकानों से शराब बुला जिला मुख्यालय में धडल्ले से खपाया जा रहा है आखिर पुलिस प्रशासन या विभागीय अधिकारियों को यह नजर क्यों नहीं आ रहा क्या शराबबंदी करने विशेष अभियान चला लगातार छपा मार करवाई किया जाना महज एक दिखावा है यह हम नहीं कह रहे बल्कि प्रशासन स्तर पर विशेष अभियान चला अवैध शराब पर लगातार छापेमार कार्रवाई किए जा रहे हैं जिससे जिला मुख्यालय में निवासरत नगरवासी कह रहे हैं कि अगर प्रशासन शराबबंदी करना ही चाहती है और अवैध शराब विक्रय रोकने विशेष अभियान चलाई जा रही हैं तो जिला मुख्यालय में प्रतिबंध के बावजूद धरने से शराब विक्रय कैसे हो रहा है कुछ ऐसे गंभीर सवाल प्रशासनिक कार्य प्रणाली पर खड़े किए जा रहे हैं ऐसा नहीं है कि पुलिस प्रशासन यह विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवैध शराब विक्रय पर कार्रवाई नहीं की जाती है निःसंदेश किया जाता है पर प्रशासन स्तर पर इतनी बड़ी-बड़ी कार्यवाही के बावजूद भी जिला मुख्यालय में जिले के अन्य जगह के ठेके से धडल्ले से शराब बेची जा रही है तो प्रशासन के द्वारा चलाई जा रही इस विशेष अभियान का आखिर मतलब ही क्या है
एक दुकान की जगह अब जिला मुख्यालय में संचालित है कई दुकानें
देखने में यह आ रहा है कि जब जिला मुख्यालय में शराब की दुकान संचालित थी तब एक ही दुकान थी पर जब से जिला मुख्यालय में शराब विक्रय प्रतिबंधित है तब से एक की जगह अनेक दुकानें सज गई है अब शराब की घर पहुंच सेवा भी उपलब्ध हो गई है ऐसे में शराब विक्रय पर प्रतिबंध का मतलब ही क्या है
पुलिस प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों की विशेष अभियान दिखावा हो रहा साबित

पुलिस प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों के द्वारा लगातार छापा मार कार्यवाही करते हुए शराब की कुछ मात्रा बरामद किए जा रहे हैं जैसा की हाल ही में विशेष अभियान चलाते हुए होटल, ढाबा एवं अंडे की दुकान आदि में छापामार कार्यवाही करते हुए कही से तीन पाव तो कहीं चार पाव इस तरह से शराब बरामद कर कार्रवाई की जा रही है जबकि देखा जाए तो जिले में संचालित ठेके की दुकान गाडासरई एवं समनापुर केअंग्रेजी शराब दुकान से सवेरे हो या शाम अनेक गाड़ियों में शराब जिला मुख्यालय जाती है इतना ही नहीं जिला मुख्यालय में खुलेआम शराब का बिक्रय किया जाता है अब सवाल उठता है जब प्रशासन स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब विक्रय पर कार्यवाही की जाती है तो जिला मुख्यालय में आ रही शराब पर प्रतिबंध नहीं क्यों?



